केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि देश में कुल 25 लाख पुरुष समलैंगिक हैं जिनमें से 4 लाख एचआइवी संक्रमण के गंभीर खतरे की जद में हैं। यह भी कहा है कि देश में कुल 24 लाख लोग एचआइवी संक्रमित हैं। सरकार की ओर से ये आंकड़े सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को दाखिल किए गए हलफनामे में दिए गए हैं। हलफनामा स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दाखिल किया गया है। मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट आजकल समलैंगिक संबंधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के मुद्दे पर सुनवाई कर रहा है। पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने स्वास्थ्य मंत्रालय से एचआइवी संक्रमण व समलैंगिक लोगों के बारे में आंकड़ा बताने को कहा था। मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से पेश एडिशनल सॉलीसिटर जनरल मोहन जैन ने मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी व न्यायमूर्ति एसजे मुखोपाध्याय की पीठ के समक्ष स्वास्थ्य मंत्रालय का हलफनामा पेश किया। पीठ ने इस हलफनामे पर गौर भी फरमाया। हलफनामे में सरकार ने एचआइवी/ एड्स महामारी को रोकने के लिए देश में किए जा रहे उपायों का विस्तृत ब्योरा दिया है। साथ ही एचआइवी संक्रमित कुल जनसंख्या के साथ-साथ देश में पुरुष समलैंगिकों की कुल संख्या का भी ब्योरा दिया है। सरकार ने कहा है कि विशेषज्ञों के मुताबिक देश में करीब 25 लाख पुरुष समलैंगिक हैं। 25 लाख में से 4 लाख समलैंगिक पुरुष एचआइवी के गंभीर खतरे की जद में हैं। इनमें से 28 हजार से 31 हजार पुरुष समलैंगिक एचआइवी संक्रमित हो सकते हैं। सरकार ने एचआइवी के गंभीर खतरे की जद में आने वाले 4,27045 पुरुष समलैंगिकों का राज्यवार ब्योरा भी दिया है। सबसे बड़ी संख्या महाराष्ट्र में हैं जहां 99,533 पुरुष समलैंगिक गंभीर खतरे की जद में हैं। दिल्ली में भी इनकी संख्या 28,999 है। सरकार ने गिनती का तरीका भी बताया है जिसमें कहा गया है कि एड्स नियंत्रण अभियान के तहत ऐसे लोगों के आने-जाने और एकत्र होने के हॉट स्पाट चिन्हित किए जाते हैं और उसी आधार पर आंकड़े तैयार होते हैं। यह भी कहा है कि ये आंकड़े अभियान की जद में आने वाले लोगों के ही हैं। कुल एचआइवी पीडि़तों का आंकड़ा भी दिया गया है। जिसके मुताबिक देश में कुल 24 लाख लोग एचआइवी संक्रमित हैं। इसमें 20 लाख वयस्क (15 से 49 वर्ष), 3 लाख बुजुर्ग (49 वर्ष से अधिक) और 1 लाख बच्चे (15 वर्ष से कम आयु) के हैं। मंत्रालय ने कहा है कि 85 फीसदी एचआइवी/एड्स शारीरिक संबंधों के जरिए फैलता है बाकी संक्रमित सुई के इस्तेमाल, संक्रमित मां की संतान आदि से होता है। शारीरिक संबंधों को दो श्रेणी में बांटा गया है पहली महिला सेक्स वर्कर और दूसरी पुरुष समलैंगिकों का आपस में संबंध बनाना। पुरुष समलैंगिकों में किन्नर भी शामिल हैं।
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